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Mere Sapno Ka Bharat Essay In Hindi 200 Words Poems

भारत गाँवों का देश है। भारत की अधिकतम जनता गाँवों में निवास करती हैं। महात्मा गाँधी कहते थे कि वास्तविक भारत का दर्शन गाँवों में ही सम्भव है जहाँ भारत की आत्मा बसी हुई है।

आज हममें से कितने लोगों ने गाँव देखे हैं? गाँव जिन्हें भगवान ने बनाया, जहाँ प्रकृति का सौन्दर्य बिखरा पड़ा है- हरे भरे खेत, कल कल करती नदियाँ, कुँयें की रहट पर सजी धजी औरतों की खिलखिलाहट, हुक्का पीते किसान, गाय के पीछे दौड़ते बच्चे, पेड़ों से आम तोड़कर खट्टे आम खाती किशोरियाँ, तितलियाँ पकड़ते किशोरन बाजरा और मक्की की रोटी, दूध दही, मक्खन और घी की बहुलता यह सब कल्पना में आता है जब हम गाँव की बात करते हैं।

भारत के गाँव उन्नत और समृद्ध थे। ग्रामीण कृषक कृषि पर गर्व अनुभव करते थे, संतुष्ट थे। गाँवों में कुटीर उद्योग फलते फूलते थे। लोग सुखी थे। भारत के गाँवों में स्वर्ग बसता था। किन्तु समय बीतने के साथ नगरों का विकास होता गया और गाँव पिछड़ते गये।

भारत के गाँवों की दशा अब दयनीय है। इसका मुख्य कारण अशिक्षा है। अशिक्षित होने के कारण ग्रामीण अत्यधिक आस्तिक, रूढ़िवादी और पौराणिक विचारधारा के हैं। गाँवों में साहूकारों, जमींदारों और व्यापारियों का अनावश्यक दबदबा है। किसान प्रकृति पर निर्भर करते हैं और सदैव सूखा तथा बाढ़ की चपेट में आकर नुकसान उठाते हैं। कर्जों में फंसे, तंगी में जीते, छोटे छोटे झगड़ों को निपटाने के लिए कचहरी के चक्कर लगाते हुए ये अपना जीवन बिता देते हैं।

गाँव में कृषि कार्य पर पूरी तरह निर्भरता अब पूरे परिवार की जरूरतों को पूरा नहीं कर पाती। जनसंख्या के निरंतर विकास से खेत छोटे छोटे हो रहे हैं। अतः कृषि के आधुनिक साधन प्रयोग नहीं हो पाते। संक्षेप में गाँववासी अब नगरों की चकाचौंध से प्रभावित हैं। युवा अब गाँव में नहीं रहना चाहता। वह शिक्षा, नौकरी और सुख सुविधाओं का पीछा करते हुए नगर पहुँचता है।

सरकार गाँवों के विकास के लिये प्रयत्न कर रही है। गाँवों में बिजली, पानी, शिक्षा और इलाज के लिए सभी सुविधायें जुटा रही है। बैंक इत्यादि गाँवों की उन्नति में अपना पूर्ण सहयोग दे रही हैं।

भारत एक ऐसा देश है जहां विभिन्न संस्कृतियों और धर्मों के लोग एक-दूसरे के साथ सद्भाव में रहते हैं। हालांकि अभी भी देश के कई हिस्सों में किसी व्यक्ति के लिंग, जाति, पंथ, धर्म और आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव किया जाता है। मेरे सपनों का भारत ऐसा भारत होगा जहां किसी से ऐसा कोई भेदभाव नहीं है। भारत ने पिछले कुछ दशकों में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में बहुत विकास देखा है। मैं एक पूरी तरह से विकसित देश के रूप में भारत का सपना देखता हूं, जो न केवल उपर्युक्त क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करेगा बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी बरकरार रखेगा। यहाँ हमनें आपकी परीक्षा या स्कूल में निबंध लेखन प्रतियोगिता के लिए इस विषय पर आपकी मदद करने के लिए 'मेरे सपनों का भारत' पर अलग-अलग शब्दों में निबंध उपलब्ध करवाएं हैं।

मेरे सपनों का भारत पर निबंध (इंडिया ऑफ़ माय ड्रीम्स एस्से)

Find below some essays on India of my Dreams in easy Hindi language for students in  200,  300, 400, 500 and 600 words.

मेरे सपनों का भारत पर निबंध 1 (200 शब्द)

भारत खुद में एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है। विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग इस देश में शांति से रहते हैं। हालांकि ऐसे लोगों के कुछ समूह हैं जो अपने निहित स्वार्थों को पूरा करने के लिए लोगों को भड़काने की कोशिश करते हैं जिससे देश के शांति में बाधा आ जाती है। मेरे सपनों के भारत में इस तरह की विभाजनकारी प्रवृत्तियों की कोई जगह नहीं होगी। यह ऐसा स्थान होना चाहिए जहां विभिन्न जातीय समूह एक-दूसरे के साथ एकदम सही तालमेल में रहते हो।

मैं भारत को ऐसा देश होने का सपना देखता हूं जहां का हर नागरिक शिक्षित होगा। मैं चाहता हूं कि मेरे देश के लोग शिक्षा के महत्व को समझ सकें और यह सुनिश्चित करें कि उनके बच्चों को छोटी सी उम्र में नौकरी करने की बजाय शिक्षा हासिल करने का अधिकार मिले।

मैं चाहता हूं कि सरकार सभी के लिए समान रोजगार के अवसर प्रदान करे ताकि युवाओं को योग्य रोजगार मिल सके और राष्ट्र के विकास के लिए युवा अपना योगदान दे सकें। मैं चाहता हूं कि देश तकनीकी रूप से उन्नत हो और सभी क्षेत्रों में विकास हो सके। अन्त में, मैं चाहता हूं कि भारत एक ऐसा देश हो जहां महिलाओं को सम्मान दिया जाता हो, उनके साथ सभ्य व्यवहार किया जाता हो और पुरुषों के रोज़गार के समान अवसर दिए जाते हो।

मेरे सपनों का भारत पर निबंध 2 (300 शब्द)

भारत एक बहु-सांस्कृतिक, बहुभाषी और बहु-धार्मिक समाज है, जिसने पिछली शताब्दी में विभिन्न क्षेत्रों में स्थिर प्रगति देखी है। मेरे सपनों का भारत वो भारत है जो इससे भी अधिक गति से प्रगति करे और जल्द ही विकसित देशों की सूची में शामिल हो। यहां पर उन महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जानकारी दी गई है जिनमें भारत को बेहतर बनाने के लिए ध्यान देने की आवश्यकता है:

  1. शिक्षा और रोजगार

मैं ऐसे भारत का सपना देखता हूं जहां हर नागरिक शिक्षित होगा और हर किसी को योग्य रोजगार के मौके मिल सकेंगे। शिक्षित और प्रतिभाशाली व्यक्तियों से भरे राष्ट्र के विकास को कोई रोक नहीं सकता।

  1. जाति और धार्मिक मुद्दे

मेरे सपनों का भारत एक ऐसा भारत होगा जहां लोगों को उनकी जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। जाती और धार्मिक मुद्दों को दरकिनार करके कार्य करना राष्ट्र को मजबूत करने में काफी महत्वपूर्ण कदम होगा।

  1. औद्योगिक और तकनीकी विकास

​​भारत ने पिछले कुछ दशकों में औद्योगिक और तकनीकी विकास दोनों को देखा है। हालाँकि यह विकास अभी भी अन्य देशों के विकास के समान नहीं है। मेरे सपनों का भारत तकनीकी क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में तेज़ी से प्रगति करेगा।

  1. भ्रष्टाचार

देश में बहुत भ्रष्टाचार है और इसकी दर हर दिन तेज़ी से बढ़ रही है। आम आदमी भ्रष्ट राजनेताओं के हाथों पीड़ित है जो केवल अपने स्वार्थी उद्देश्यों को पूरा करने में रुचि रखते हैं। मेरे सपनों का भारत भ्रष्टाचार से मुक्त होगा। यह एक ऐसा देश होगा जहां लोगों की भलाई सरकार का एकमात्र एजेंडा होगी।

  1. लिंग भेदभाव

यह देखना अत्यंत दुखदायी है कि जीवन के हर क्षेत्र में खुद को साबित होने के बाद भी महिलाओं को अब तक पुरुषों से नीचा माना जाता है। मेरे सपनों का भारत में कोई लिंग भेदभाव नहीं होगा। यह ऐसा स्थान होगा जहां पुरुषों और महिलाओं को बराबर माना जाता हो।

संक्षेप में, मेरे सपनों का भारत एक ऐसा स्थान होगा जहां लोग खुश और सुरक्षित महसूस करते हैं और अच्छे जीवन की गुणवत्ता का आनंद लेते हैं।

मेरे सपनों का भारत पर निबंध 3 (400 शब्द)

हमें गर्व है की भारत में विभिन्न जातियों, धर्मों और धर्मों से संबंधित लोग एक साथ रहते है। हमारा देश अपनी समृद्ध संस्कृति और विविधता में एकता के लिए जाना जाता है। पिछले कुछ दशकों में भारत ने विभिन्न उद्योगों में भी तेजी देखी है। हालांकि, हमें अभी भी इसकी खुशहाली के लिए लंबा रास्ता तय करना है। यहां कुछ ऐसे क्षेत्रों के उदाहरण दिए गए हैं जिन पर काम करके भारत को आदर्श देश बनाने में सहायता मिल सकती है:

  1. गरीबी

देश में आर्थिक असमानता बहुत अधिक है। यहां अमीर दिन प्रतिदिन और अमीर हो रहे हैं और गरीब और गरीब बनते जा रहे हैं। मैं ऐसे भारत का सपना देखता हूं जहां धन समान रूप से नागरिकों के बीच वितरित किया जाता हो।

  1. शिक्षा

राष्ट्र की वृद्धि में शिक्षा का अभाव मुख्य बाधाओं में से एक है। सरकार शिक्षा के महत्व के बारे में जागरुकता फैलाने के प्रयास कर रही है। हालांकि यह सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाने चाहिए कि देश में प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा का अधिकार मिलना जरुरी है।

  1. रोजगार

देश में अच्छे रोजगार के अवसरों की कमी है। यहां तक ​​कि जो लोग योग्य हैं वे अच्छी नौकरियां पाने में असमर्थ रहे हैं। बेरोजगारों के बीच असंतोष का स्तर बहुत अधिक है और वे अक्सर सड़क पर अपराध करते हुए पाए जातें हैं। मेरे सपनों का भारत वो भारत है जो सभी के लिए बराबर रोजगार के अवसर प्रदान करता है जिससे कि हम सभी हमारे देश के विकास और सुधार के लिए काम करें।

  1. जातिवाद

जातिवाद एक और बड़ा मुद्दा है जिस पर काम करने की आवश्यकता है। मेरे सपनों का भारत एक ऐसा स्थान होगा जहां लोगों से जाति, पंथ या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता हो।

  1. लिंग भेदभाव

मेरे सपनों का भारत एक ऐसा स्थान होगा जहां महिलाओं को सम्मान दिया जाता है और पुरुषों के बराबर महत्व दिया जाता हो। यह एक ऐसी जगह होगी जहां महिलाओं की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

  1. भ्रष्टाचार

मैं ऐसे भारत का सपना देखता हूँ जो भ्रष्टाचार से मुक्त हो। यह एक ऐसी जगह होगी जहां राजनीतिक नेता अपने स्वयं के स्वार्थ को पूरा करने के बजाय देशों की सेवा में समर्पित रहेंगे।

  1. तकनीकी विकास

भारत ने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से वृद्धि देखी है। मैं चाहता हूं कि मेरे सपनों का भारत और अधिक गति से आगे बढ़े और प्रथम श्रेणी के देशों में अपनी जगह बनाने के लिए नई ऊंचाइयों को हासिल करे।

निष्कर्ष

मेरे सपनों का भारत वो भारत है जहां विभिन्न जातियों, पंथों, धर्मों, जातीय समूहों और आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति के लोग एक-दूसरे के साथ पूर्ण सामंजस्य में रहते हैं। मेरे सपनों के भारत में सरकार को अपने सभी नागरिकों के लिए समान रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने चाहिए।

मेरे सपनों का भारत पर निबंध 4 (500 शब्द)

मेरे सपनों का भारत एक ऐसा देश होगा जहां समानता की स्वतंत्रता अपने वास्तविक अर्थों में मिली है। यह ऐसी जगह होगी जहां किसी व्यक्ति की जाति, पंथ, धर्म, सामाजिक या आर्थिक स्थिति के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता हो। मैं इसे एक ऐसे स्थान के रूप में भी देखता हूं जिसने औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्रों में तेज़ी से विकास को देखा हो। यहां कुछ ऐसे क्षेत्रों में विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है:

महिला सशक्तिकरण

आज के समय में अधिक से अधिक महिलाएं अपने घरों से बाहर निकल रही हैं और अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी एक पहचान बना रही हैं लेकिन फिर भी हमारे देश की महिलाएं आज भी काफ़ी भेदभाव का शिकार होती है। स्त्री भ्रूणहत से लेकर महिलाओं को घरेलू कार्यों में सीमित करने तक अभी बहुत सारे क्षेत्रों में काम करने की आवश्यकता है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए कई गैर-लाभकारी संगठन आगे आए हैं। हालांकि हमें समाज की मानसिकता को बदलने पर बहुत काम करना है। मैं ऐसे भारत का सपना देखता हूं जहाँ महिलाओं को बराबरी का दर्जा प्राप्त होगा।

शिक्षा

हालांकि भारत सरकार शिक्षा की मांग के महत्व को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही है पर अभी भी देश में बहुत से लोग इसके महत्व को महसूस नहीं कर रहे हैं। मेरे सपनों का भारत एक ऐसा स्थान होगा जहां शिक्षा सभी के लिए अनिवार्य हो। सबकी शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को जरुरी कदम उठाने चाहिए ताकि देश में कोई भी बच्चा शिक्षा से रहित नहीं ना रहे।

रोजगार के अवसर

देश के कई योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे है। अवसर या तो सीमित होते हैं या योग्य उम्मीदवारों की जरुरत के अनुपात में नहीं होते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण कमजोर औद्योगिक वृद्धि है। इसके अलावा कुछ अन्य कारक हैं जैसे कि आरक्षण जो कि योग्य उम्मीदवारों को अच्छा अवसर प्राप्त करने से रोकते हैं। भारत में रोजगार के अवसरों को पाने में असफल रहने वाले कई युवा विदेशों में चले जाते हैं और अपने कुशल दिमाग का अन्य देशों के आर्थिक विकास के लिए काम करते हैं जबकि कुछ लोग सारी उम्र काम नहीं मिलने की वजह से बेरोजगार घूमते हैं।

जाति भेदभाव

देश अभी भी जाति, पंथ और धर्म के आधार पर भेदभाव से मुक्त नहीं है। यह देखना अत्यंत दुखदायी है कि अभी भी कैसे देश के कुछ हिस्सों में कमजोर वर्गों के लोग अपने मूल अधिकारों से वंचित रह रहे हैं।

इसके अलावा कई विभिन्न कट्टरपंथी और अलगाववादी समूह है जो लोगों को अपने धर्म का प्रचार करने और दूसरों के धर्म बारे में गलत बात का प्रचार करने के लिए उकसातें हैं। इससे देश में अक्सर अशांति फैलती है। मैं ऐसे भारत का सपना देखता हूँ जहां लोगों से जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता हो।

भ्रष्टाचार

भारत के विकास की गति में मुख्य अवरोध भ्रष्टाचार है। ऐसा लगता है कि देश की सेवा करने के बजाय यहां के राजनीतिक नेता अपनी जेब भरने में व्यस्त हैं। मेरे सपनों का भारत वह होगा जहां के मंत्री पूरी तरह से देश और उसके नागरिकों के विकास के लिए समर्पित रहे।

निष्कर्ष

मेरे सपनों का भारत एक ऐसा देश होगा जो अपने सभी नागरिकों को समान मानता हो और किसी भी मापदंड के आधार पर उनसे भेदभाव नहीं करता हो। मैं एक ऐसी जगह का सपना देखता हूँ जहां महिलाओं का सम्मान किया जाता है और उन्हें पुरुषों के समान देखा जाता हो। मैं चाहता हूं कि आने वाले समय में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कृषि और शिक्षा के क्षेत्र में भारत प्रगति करे।


 

मेरे सपनों का भारत पर निबंध 5 (600 शब्द)

भारत एक ऐसा देश है जहां विभिन्न जातीय समूहों, जातियों और धर्मों के लोग सौहार्दपूर्ण ढंग से रहते हैं। भारत को अपनी समृद्ध, विविध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व है। हालाँकि भारत ने अपनी आजादी के बाद से अब तक एक लंबा सफर तय किया है। पिछले कुछ दशकों में इसने एक विशाल सामाजिक और आर्थिक विकास को देखा है पर देश के कई हिस्सों में अभी भी आर्थिक और सामाजिक असमानताएं मौजूद है। देश के कई हिस्सों में लोगों को उनकी जाति और धार्मिक प्राथमिकताओं के आधार पर नीची नजरों से देखा जाता है। मेरे सपनों का भारत एक ऐसा स्थान होगा जहां हर नागरिक को समानता की वास्तविक स्वतंत्रता प्राप्त होगी।

सुधार के क्षेत्र

देश को आगे बढ़ाने और विकसित करने के लिए अभी भी काफी काम करने की ज़रूरत है। यहां चार प्रमुख क्षेत्रों पर एक नज़र डाली गई है जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता हैं:

  1. शिक्षा

शिक्षा किसी भी देश की मजबूती की नीवं है। हमारे देश की प्रमुख कमियों में से एक यह है कि लोग अभी भी शिक्षा के महत्व को नहीं पहचानते हैं। गरीबी या गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोग विशेष रूप से शिक्षित होने के महत्व को अनदेखी करते हैं। उन्हें नहीं पता है कि शिक्षा की कमी गरीबी के लिए जिम्मेदार मुख्य कारकों में से एक है। सरकार अनिवार्य शिक्षा के अधिकार को बढ़ावा देने तथा वयस्क शिक्षा विद्यालय खोलने के माध्यम से यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है कि अधिक से अधिक लोगों को अपने बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की पहुंच हो। मेरे सपनों का भारत एक ऐसा स्थान होगा जहां हर नागरिक शिक्षित और कुशल हो।

  1. लिंग भेदभाव

लिंग भेदभाव एक और मुद्दा है जिस पर काम करने की जरुरत है। महिलाओं को लगातार उनके अधिकारों के बारे में जागरूक किया जा रहा है और वे विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन भी कर रही हैं, फिर भी महिलाओं को समाज में अपनी जगह बनाने के लिए कई बाधाओं से लड़ना होगा।

देश के कई हिस्सों में लड़की का जन्म अभी भी एक अभिशाप माना जाता है। उच्च शिक्षा के लिए लड़कियों को प्रोत्साहित नहीं किया जाता है। यहां तक ​​कि महिलाएं जो योग्य हैं उनसे भी यह अपेक्षा की जाती है कि वे विवाह के बाद बाहर काम करने की बजाए अपने परिवार की देखभाल करे। काम पर महिलाओं को दी गई मजदूरी पुरुषों को दिए वेतन की तुलना में कम होती है। मैं ऐसे भारत का सपना देखता हूँ जो महिलाओं के खिलाफ भेदभाव से रहित हो।

  1. तकनीकी उन्नति

हालांकि भारत ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत विकास और उन्नति देखी है फिर भी अभी इस क्षेत्र में कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है। यह देखना अत्यंत दुखदायी है कि तेज़ बुद्धि वाले व्यक्ति अपने देश के विकास में योगदान करने के बजाय विदेशों में रोजगार के अवसर तलाशने और उन देशों की तकनीकी और औद्योगिक उन्नति में योगदान देने चले जाते है। मेरे सपनों का भारत वो भारत है जो व्यक्तियों के लिए अच्छे रोजगार के अवसर प्रदान करता है और देश को तकनीकी प्रगति के पथ एक नई दिशा प्रदान करता है।

  1. अपराध दर

भारत में अपराध दर दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। बलात्कार, डकैती, दहेज और हत्या के कई मामले हर दिन दर्ज किए जा रहे हैं। कई मामलो की तो सुनवाई ही नहीं हो रही है। शिक्षा का अभाव, बेरोजगारी और गरीबी ने इस दिशा में बढ़ावा दिया है। मेरे सपनों का भारत एक ऐसा देश होगा जहां सरकार लोगों की सुरक्षा और सुरक्षा के प्रति अधिक संवेदनशील हो। तभी भारत अपराध और शोषण से मुक्त होगा।

निष्कर्ष

भारत ने पिछले कुछ दशकों में तेजी से औद्योगिक विकास, तकनीकी उन्नति और कई अन्य क्षेत्रों में प्रगति देखी है। हालांकि अभी भी सुधार की बहुत गुंजाइश है। भारत को पहले के समय में इसकी समृधि के कारण सोने की चिड़िया कहा जाता था। मैं चाहता हूं कि देश उस गौरव को फिर से प्राप्त करे। मैं चाहता हूँ कि वह ना सिर्फ आर्थिक समृद्धि का आनंद ले बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी अमीर हो। देश के सभी नागरिकों से समान व्यवहार हो और किसी से कोई भी भेदभाव या अन्याय नहीं होना चाहिए।


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